ग्लासगो वार्ता शनिवार देर रात खत्म हो गई। जीवाश्म ईंधन पर सब्सिडी को पूरी तरह बन्द करने के प्रस्ताव का भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और क्यूबा समेत कई देशों ने विरोध किया। विकसित देश चाहते थे कि सभी विकासशील देश कोयला, तेल और गैस पर सब्सिडी पूरी तरह खत्म करें लेकिन भारत के जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने वार्ता में कहा कि कार्बन बजट पर विकासशील देशों का न्यायोचित अधिकार है और वह उनसे नहीं छीना जा सकता। यादव ने कहा कि मौजूदा हालात में गरीबी मिटाने और सामाजिक ज़िम्मेदारी निभाने में इस सब्सिडी का अहम रोल है।
दो साल पहले, हमने अंग्रेजी में एक डिजिटल समाचार पत्र शुरू किया जो पर्यावरण से जुड़े हर पहलू पर रिपोर्ट करता है। लोगों ने हमारे काम की सराहना की और हमें प्रोत्साहित किया। इस प्रोत्साहन ने हमें एक नए समाचार पत्र को शुरू करने के लिए प्रेरित किया है जो हिंदी भाषा पर केंद्रित है। हम अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद नहीं करते हैं, हम अपनी कहानियां हिंदी में लिखते हैं।
कार्बनकॉपी हिंदी में आपका स्वागत है।
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
आपको यह भी पसंद आ सकता हैं
-
जापान ने भारतीय आमों के आयात पर लगाई रोक
-
‘लॉकडाउन जैसी स्थिति नहीं’, तेल बचाने की अपील पर सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
-
भारत के सभी फॉरेस्ट क्षेत्रों में जमा कार्बन बढ़ने की संभावना: शोध
-
भारत ने कॉप33 की मेज़बानी का प्रस्ताव वापस लिया
-
भारत ने संशोधित किए एनडीसी, 2035 तक उत्सर्जन 47% तक घटाने का लक्ष्य
