मेघालय की पूर्वी जंतिया पहाड़ियों में एक कोयला खदान में 6 मज़दूरों के मरने की ख़बर है। पुलिस के मुताबिक यह घटना शुक्रवार को हुई और इस बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। सभी मज़दूर असम के करीमगंज के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि यह गैरकानूनी खदान थी जहां मज़दूर मशीन के फेल हो जाने पर खान में जा गिरे। मृतकों के शव निकाल लिये गये हैं। इससे पहले जंतिया पहाड़ियों में ही दिसंबर 2018 में 15 मज़दूर खान में फंसकर मर गये थे।
पुलिस ने इस मामले में आपराधिक मामला दर्ज किया है। अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने राज्य के पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया है कि जिस साइट पर दुर्घटना हुई है वहां कोई ताज़ा कोयला नहीं है इसलिये इस मामले में पता किया जा रहा है कि क्या यह गैरकानूनी खनन का मामला है। वैसे पिछले साल जब अवैध खनन के आरोप लगे थे तो राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा था कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।
दो साल पहले, हमने अंग्रेजी में एक डिजिटल समाचार पत्र शुरू किया जो पर्यावरण से जुड़े हर पहलू पर रिपोर्ट करता है। लोगों ने हमारे काम की सराहना की और हमें प्रोत्साहित किया। इस प्रोत्साहन ने हमें एक नए समाचार पत्र को शुरू करने के लिए प्रेरित किया है जो हिंदी भाषा पर केंद्रित है। हम अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद नहीं करते हैं, हम अपनी कहानियां हिंदी में लिखते हैं।
कार्बनकॉपी हिंदी में आपका स्वागत है।
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
- कार्बनकॉपी
आपको यह भी पसंद आ सकता हैं
-
घाटा कम करने के लिए 11 दिनों में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
-
ईरान युद्ध और हॉर्मुज़ संकट से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप, भारत में बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम
-
खाड़ी युद्ध से ऊर्जा कीमतों में 4 साल में सबसे अधिक वृद्धि का खतरा, यूएई के ओपीईसी से बाहर होने से झटका
-
आईईए प्रमुख: मौजूदा तेल और गैस संकट 1973, 1979, 2022 के कुल संकट से भी बदतर
-
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत की जद्दोजहद: सरकार हर संभव स्रोत से तेल-गैस जुटाने में जुटी
