COP27

लॉस एंड डैमेज फंड की स्थापना लेकिन जीवाश्म ईंधन की कटौती से मुकरे देश

कई उतार-चढ़ाव देखने के बाद आखिर शर्म-अल-शेख में वह एकमात्र बड़ी कामयाबी हो पाई जिसकी

‘भारत को (अंतर्राष्ट्रीय मंच पर) जस्ट-ट्रांजिशन के मुद्दे से भागने की ज़रूरत नहीं है’

आज भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से जुड़ी है बिजली की मांग। भारत को

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी – गर्म होती दुनिया को बचाने के लिये मौजूदा प्रयास नाकाफ़ी

धरती को ग्लोबल वॉर्मिंग के प्रभावों से बचाने के लिये कार्बन उत्सर्जन में भारी कटौती