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$300 बिलियन का प्रश्न: कॉप30 से पहले खड़ा सवाल

कॉप29 में तय किया गया क्लाइमेट फाइनेंस का लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन इस लक्ष्य को पूरा करना सिर्फ पैसों के वादों से संभव नहीं होगा। इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और संरचनात्मक सुधारों की सख्त ज़रूरत है।

क्या क्लाइमेट फाइनेंस में आत्मनिर्भर बन सकता है भारत?

वैश्विक क्लाइमेट फाइनेंस ज़रूरत से काफी कम है, इसलिए भारत को सस्टेनेबिलिटी की ओर खुद का मार्ग बनाना होगा। यानि फंडिंग गैप को भरने के लिए धरेलू संसाधनों, नए वित्तीय विचारों और स्मार्ट निवेश का सहारा लेना होगा।

आईपीसीसी रिपोर्ट: ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करना कैसे हो सकता है संभव

जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (आईपीसीसी) ने सोमवार को एक सिंथेसिस रिपोर्ट जारी की। यह

“जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में हमारी नज़र विकसित देशों पर है जो अपने वादों से पीछे हट रहे हैं”

मालदीव, मॉरीशस, फिजी, बारबाडोस सहित 39 छोटे द्वीप देशों से बने लघु द्वीपीय देशों के