गंभीर सूखे की चपेट में बुंदेलखंड
जानकार बताते हैं कि 15 जुलाई तक बारिश न होना बेहद असामान्य, यह गंभीर सूखे का
जानकार बताते हैं कि 15 जुलाई तक बारिश न होना बेहद असामान्य, यह गंभीर सूखे का
पर्यावरणविदों द्वारा तमाम आलोचना के बावजूद नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (एनबीडब्लूएल) ने वन क्षेत्र
ग्लोबल वॉर्मिंग के बढ़ते असर के कारण इस सदी के अंत तक दुनिया के 800
सरकार ने वायु प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े नियमों को तोड़ने वालों के लिये एक माफी
उत्तराखंड के चमोली में इस साल फरवरी में आई आपदा के बाद से यहां स्थित
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी से निचले
कर्नाटक के बेल्लारी में एक बार फिर से माइनिंग बढ़ने खनन क्षेत्र का भूमि अधिकारों
कोयला बिजलीघर न केवल वायु प्रदूषण करते हैं, पानी का भी जमकर इस्तेमाल करते हैं।
उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति धीमी; जलाशय में एक-तिहाई पानी बचा भारत के
लगभग 60 घंटे तक लगातार हुई भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में हालात काफी खराब