संसद में जलवायु परिवर्तन की बहुत कम होती है चर्चा
भारत भले ही जलवायु परिवर्तन से सबसे संकटग्रस्त देशों में हो लेकिन यहां की संसद
भारत भले ही जलवायु परिवर्तन से सबसे संकटग्रस्त देशों में हो लेकिन यहां की संसद
केंद्र सरकार ने बिजली क्षेत्र के एक विवादित बिल – इलैक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 –
कैबिनेट ने पेरिस समझौते के तहत भारत के नये एनडीसी (जलवायु परिवर्तन से लड़ने के
सरकार ने वन संरक्षण नियमों में ऐसे बदलाव किये हैं जिससे आदिवासियों की स्वीकृति के
हाल ही में नीति आयोग ने कहा की देश भर में तीन हाइड्रोजन कॉरिडोर विकसित
स्थानीय आदिवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों के बाद छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में
जहाँ एक तरफ पाकिस्तान , भारत , नेपाल , बांग्लादेश सरीखे दक्षिण एशियाई निवासी कभी
हिमाचल के बद्दी औद्योगिक क्षेत्र (ज़िला सोलन) में उद्योगों द्वारा तीन नदियों – बलाद, सिरसा
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनडीपी) की एक विशेष रिपोर्ट में अपील की गई है कि
देश में जंगलों की वित्तीय कीमत के आकलन के लिए एक फार्मूला अपनाया जाता है